#कोरोना वायरस ने तो बहुत ही बढ़िया नियम निकाला है!
2मिनट लगेंगे यदि नहीं पढ़े तो फिर मौका नहीं मिलेगा !
जैसी करनी वैसी भरनी !
ठीक इसी तरह से अपने स्वाद के लिए मनुष्य पशु-पक्षियों को उनके परिवार से अलग करते थे और बाकियों को पिजड़े में बंद कर देते थे ताकि वो लोग अपने मरते हुए परिजन की रक्षा न कर सकें ! उनकी हत्या करने के बाद उन्हें अपनों से दूर कर देते थे, कोई भी पशु पक्षी अपने हिसाब से अपने परिजन को न तो अंतिम बार देख पाते थे और न ही संस्कार कर पाते थे !
ठीक वही हो रहा है,
कोरोना वायरस जिसको पकड़ता है उसको परिवार से अलग कर देता है, और जब मार देता है तो उससे कोई परिजन मिलने भी नहीं आते हैं ! वैदिक इतिहास में ऐसे प्रमाण मिलते हैं कि जीव कभी कभी स्वयं बदला लेता है ।
मेरे कहने का मतलब ये नहीं है कि आप सरकार के आदेशों का उल्लंघन करें !
मान लो कि रावण ने राम पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया और राम ने ब्रह्मास्त्र के आगे सिर झुका लिया उसे प्रणाम किया और ब्रह्मास्त्र वापस लौट गया।
यदि आपने कभी जीव हत्या नहीं किया, यदि आप ने मांस नहीं खाया और आप कोरोना की शक्ति को चुनौती देंगे तो आपको कोरोना छोड़ नहीं देगा आपके साथ भी वही करेगा जो औरों के साथ कर रहा है।
यदि वैदिक ग्रंथों के हिसाब से देखें तो भी आपने अपने सामने जीव हत्याएं होने दिया, आपने लोगों को माँस खाने से नहीं रोका है तो भी आप अपराधी हैं।
इसलिए किसी भी रूप में आपका अनावश्यक घर से निकलना और कोरोना को हल्के में आँकना आपके और आपके परिवार के लिए नरक का रास्ता खोलने जैसा हो सकता है !
जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरति तिन्ह देखी तैसी।
🙏जय श्री कृष्ण🙏
घर पे रहें, सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें !
धन्यवाद !
आपका शुभचिंतक : अंगिरा प्रसाद मौर्य
दिनाँक : 02/04/2020