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जो बात कल तक सत्य था वह आज असत्य और कल को तथ्य नहीं हो सकता।
अथवा,
आपने कल तक जिस पर विश्वास किया था, आज उसे कहने अथवा बताने हेतु पुनः चिन्तन कर लेना चाहिए।
~~~~~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या।
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वक्तव्य भौतिक जगत हेतु ही है, इसे अध्यात्मिक जगत से कदापि न जोड़ें।
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